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POEM

विश्वास

दुवा करता हुँ इतना ही आज दिल में संदेह हटाकर,भर दे राई के दाने सा विश्वासकि टाल जाये पहाड भी,निश्चय लू जो तेरा नामन तो बल से न तो शक्ति सेबस तुझ पे भरोसा करुं । और न धन कि धोखा में रहूंकरता हुँ अनुरोध खुशी सेअंत तक धीरज धरु ।बना रहूं सदा

दया के गीत

दया के गीत (2) मुर्ख हुँ प्रभु जी मैं अपनी मुर्खता को दोहरता हूँ, किये मैने गुनाह प्रभु जी मैं अब पछताता हूँ पर एक आशा से विश्वास लेकर, तेरे पास आता हूँ, (1. कुरु 13:13) दया कि भीख दे दो प्रभु यीशु जी झोली का फैलाता हूँ, सुना है दया

TEACH ME TO PRAY

Oh Lord, My Saviour, teach me to pray, Not just for me and for those, that are mine, But for the happenings and sufferings around, And for the things, in your purpose divine. Oh teach me to pray, Oh teach me to pray Leaving all
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