ईश्वरीय समझ रखें

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जो व्यवस्था का पालन करता वह समझदार सुपूत होता है, परन्तु उड़ाऊ का संगी अपने पिता का मुंह काला करता है।

नीतिवचन 28:7

प्रिय, मसीह में आपको जय मसीह की। जब आप मसीह में दाखिल होते हैं या जब आप नया जीवन प्राप्त करते हैं तो आप छोटे बच्चे समान होते हैं और जैसे कि पवित्र शास्त्र एसों को दूध पीनेवाले जैसा शब्द या जगह देती है। लेकिन आप हमेशा बच्चे बनके नहीं रह सकते, आपको बड़ा यानि समझदार बनना उतना ही आवश्यक है जितना कि सांसारिक बच्चे उम्र व समझ में बढ़ते है। यह सहज नहीं पर आप तब समझ प्राप्त करते जब आप मसीह वचन, मसीह अनुसार अपने जीवन में पुरा करते है,आमीन। जैसे सांसारिक पिता अपने छोटे बच्चों को प्राप्त ज्ञान देता वैसे ही आत्मिक पिता अपने बच्चों को भरपूर ज्ञान देता है। जैसे सांसारिक पिता अपने बच्चों से उम्मीद लगाए रहता है कि वो समझदार बन कर घर परिवार व समाज को संभालेगा वैसे ही स्वर्गीय पिता आपसे उम्मीद लगाता है कि कब आप समझ लें और कब आप उसके राज्य को संभालेंगे। जब आप व्यवस्था का पालन करते है मतलब कि परमेश्वर की आज्ञाओं को मानते है वचन सत्य है वचन के अनुसार समझ आपके जीवन का हिस्सा बनती है और परमेश्वर आपको जिम्मेवारियां देना शुरू करता और आप उसके राज्य को संभालना शुरू करते हैं। और आप  सबसे अलग होते हैं , आपकी सोच, आपके कार्य अन्य लोगों से सौ गुना बड़ी होती है, ये बात आप और परमेश्वर या परमेश्वर के पुत्र ही जानते हैं। जब आप समझदार नहीं बनते जाते आप अपने पिता के प्रति अन्य लोगों में गलत दृष्टिकोण पैदा करते हैं, और यह आपके साथ लोगों के नष्ट होने का कारण बनता है। आपको समझ प्राप्त करनी, आपको बड़ा होना है, आपको जिम्मेवारियां समझनी है, आपको हड्डी चबाने वाला बनना है। मैं घोषणा करता हूं कि आज से वचन को ग्रहण करने वाले आप बच्चे नहीं बड़े होने जा रहे हैं, आप समझ में बढ़ रहे है, आप बुद्धि में बढ़ रहे हैं। आज से आप अपने जीवन में बदलाव देखेंगे अगर आज का वचन आप ग्रहण करें तो। परमेश्वर आपको जिम्मेवारियां सौंपने जा रहा है, अपने आप को तैयार करो आप सेम नहीं रहेंगे, आप ईश्वरीय समझ में बदल जायेंगे।आमीन।

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