” बुराई और अच्छाई के परिणाम”

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संसार में हम दो प्रकार के लोग देखते हैं। जैसे बहुतसे लोग अच्छाई और भलाई के काम करने के लिये सदा ही तैयार रहते हैं। और कुछ लोग ऐसे होते हैं की, ठटटा करना, नींदा करना, गपशप करना, लोगों को दुःख देना, उनके घावों को कुरेदना, ये सब दुष्ट लोगों का ही काम है। एसे लोग भूसी के समान होते है, जो हवा से उड़ाये जाते है। एसे लोग धर्मी लोगों के साथ नही रहते, और ऐसे लोगों का मार्ग नष्ट होता हैं।

हमे बहुत सावधानी से रहना चाहिये, क्योंकि हमारे चाल – चलान से, रहन- सहन से, बात- चीतसे, हमे लोग जानते की हम किस प्रकार के लोग है।

बाईबल मे हम देखते हैं की, यूसुफ के भाईयो के मन मैं उसके लिये बहुत कड़वाहट और नफरत थीं, इस कारण उनोहो ने उसे व्यपारी के हाथो बेच दिया, लेकिन कुछ समय बाद वह प्रधानमंत्री बना।

में ऐसी ही एक बेटी की गवाही देना चाहती हो, जो अभी- अभी हूई है। उस बेटी को ससुराल वाले बहुत दुःख देते थे, सताया जाता था, लोग उसे कहते थे की उनके विरोध में एसा ही व्यहवार करो, परंतु उस बेटी का विश्वास देखो, वो कहति थी में ऐसा नही कर सकती, ऐसा करने से उन लोगों में और मुझ में क्या फर्क है? मेरा परमेश्वर ही इस समस्या से मुझे छुड़ाएगा। और थोड़े ही दिन में उसको अच्छई का फल मिला। और अब वह उन लोगों से अलग, शांति से, आनंद से रहती है।

“जो हम बोते है वही हम काटते है।”

हमे सबको एक निर्णय लेना चाहिए, चाहे कुछ भी हो परंतु हम अछे ही कार्य को करते रहेंगे। अमीन।

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