आशीष की चाबी

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आशीष हमारे पास ही हैं। और उसकी चाबी वह है जो “विश्वास”। विश्वास एक एसी चाबी है, की हमारे हर एक बंद दरवाज़े को खोलती है। हमे पूरे मन से आपने परमेश्वर पर विश्वास करना चाहिये। क्योंकि विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है। वह कहता है की उसे राई के दाने इतना भी विश्वास भाता है। हमने पूरे बाईबल में विश्वास के बारे मैं ज्यादा पढ़ा है। जब हम विश्वास करते है तो परमेश्वर की महिमा को देखते है ।

         परंतु हम शक करते है,हमारे विश्वास की कमी के कारण हम परमेश्वर का कार्य नही देख सकते है।  हम सोचते है, मुझे चंगाई मिलेगी क्या, मुझे छुटकारा मिलेगा ? मैंने जो मांगा है वह मुझे मिलेगा? क्यों नही मिलेगा वह हमे सबकुछ दे सकता है। लेकिन हमे विश्वास से मांगना चाहिये । क्योंकि परमेश्वर का जो भी है वह हमारा है  ,  हमे हकसे , अधिकार से उसे मांगना है। 

     बाइबल में लिखा है, एक स्त्री को बारह वर्ष लाहु बहने का रोग था।  उसने बहुत दुःख उठाया पर भी उसे कुछ लाभ नही हुआ। उसने विश्वास से भीड़ में जाकर परमेश्वर का वस्त्र छुआ और वह तुरंत चंगी हो गई। महीने , साल नही तो तुरंत उसके जीवन में कार्य हुआ। क्योंकि उसने विश्वास से वस्त्र छुआ था। 


   वैसेही एक सुभेदार का सेवक बीमारी के कारण मरने पर था। उसने येशू से कहा की तू वचन ही कह दे की मेरा सेवक चंगा हो जायेगा। और उसका सेवक वही समय चंगा हो गया। इस तरह हमे विश्वास में स्तिर रहना चाहिये। 

हम हवा को नही देखते , फिर भी हम विश्वास करते है की हवा है।
आप सभी को परमेश्वर विश्वास में बढ़ाये और आपकी हर एक आशीष आपके समुख रखे, परमेश्वर सदा ही आपके साथ है।

       आमीन
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