विशेष पारिवारिक समय

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फसह के पर्व से पहले जब येशु ने जान लिया,की मेरी वह घड़ी आ पहूंची है कि जगत छोड़कर पिता के पास जाऊँ, तो अपने लोगों से,जो जगत में थे,जैसा प्रेम वह रखता था,अन्त तक वैसा ही प्रेम रखता रहा।(यूहन्ना १३:१)

हम अपने परिवार के सदसयों के साथ मिलनेवाले हर पल का आनंद उठाय। कल, हमें ऐसे क्षणों का विशेषधिकार प्राप्त हो भी सकता है और नही भी सकता है।

एक दिन ,एक प्रसिद्ध पासबान अपने रविवार के उपदेश को तैयार करने में व्यस्त था। उनकी छोटी बेटी ने पीछे से चुपके से उन पर छलांग लगायी और उन्हें गले लगा लिया,”पापा”। पासबान ने उसे धीरे से यह कहते हुए डाँटा कि वह उसके साथ समय बिताने के लिए बहुत व्यस्त था।

इस मुदे पर, पासबान की पत्नी ने उन्हे धीरे से याद दिलाया कि एक युवा लड़की के रूप में उस पर जो प्यार और स्नेह बरस रहा था,वही कुछ वर्ष बाद नही होगा।उस पल का आनंद उठाने के लिए,उसने उन्हें सलाह दी। पासबान ने सचाई का एहसास किया और उस कथन की तीव्रता को तुरंत छोड़ दिया और अपनी छोटी बेटी के साथ समय बिताया।

आपके परिवार के सदसियो के साथ बिताए जानेवाले पल अनमोल पल है।उन्हे बेकार नही किया जाना चाहिए।कौन जानता है,काल हम उन्हे प्राप्त नही कर सकते जब आप अपने परिवार (अपनी पत्नी,पति,बचों, अपने माता-पिता) की साथ हो,तो सोशल मीडिया पर सूचनाओं की जाँच में व्यस्त ना हो।इसे कुछ और समय के लिए छोड़ दे।

प्रभु येशु यह भी जानते थे की क्रूस पर जाने से पहले अपने प्रेरित के साथ समय बिताना कितना महत्त्वपूर्ण था। आइए हम अपने परिवार के सदसियो के लिए विशेष का समय बनाएं और ऐसे पल का आनंद उठाये।

पार्थना:-
पिता, में अपने परिवार के लोगों की लिए धनयवाद देती हूं।उन्हें अपने आंख के पुतली के रूप में रख।मुझे अपने परिवार के लोगों के साथ विशेष समय बिताने का अनुग्रह दीजिये। येशु के नाम में अमीन।

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