Swargiya Pratidhwani (Todays Thought)

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शुत्रओं से प्रेम और सताने वालो के लिए प्रार्थना करें!”

लोग हमें ईट का जवाब पत्थर से देना सीखाते हैं, कि जो हमसे प्रेम करते हैं हम उनसे प्रेम करें और जो हमारे शत्रु हैं हम उनसे बैर करें। यदि हम भी वही करते हैं तो हम में और बाकी लोगो में क्या फर्क हैं? परन्तु हम विशेष व्यक्ति जब होंगे, हम अपने दुश्मनों को गले से लगाने का मन रखे और जब हम उसके हर एक जुल्म को भुला कर माफ कर दें। यदि हम अपने प्रेम करने वालो से ही प्रेम करते हैं, तो कौनसा बड़ा काम करते हैं? परन्तु हम विशेष जब होंगे, जब हम अपने शत्रु से प्रेम करना और सताने वालो के लिए आशीष की प्रार्थना करना सिख जायेंगे। तब हम कह सकेंगे, कि हम विशेष व्यक्ति हैं। हम विशेष बने, साधारण नहीं, और नफरत के बजाए अपने आस पास के लोगो से प्रेम करना सीखें। धन्यवाद

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