विश्वास

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दुवा करता हुँ इतना ही आज
दिल में संदेह हटाकर,
भर दे राई के दाने सा विश्वास
कि टाल जाये पहाड भी,
निश्चय लू जो तेरा नाम
न तो बल से न तो शक्ति से
बस तुझ पे भरोसा करुं ।
और न धन कि धोखा में रहूं
करता हुँ अनुरोध खुशी से
अंत तक धीरज धरु ।
बना रहूं सदा तुझी में
ताकि फेक दूं अभिलाषाओं को, दीनता की आहुति में
कोई क्रोध करे भी पर पाप नहीं
सहता रहूँ दया करता रहूं,
आनंद जो पाया जीवन में
सेंत मेंत के खजाना से,
देता जाऊं उसे भी मै चुंगी लेनेवाला जक्काई सा
जिसने तेरा सच्चा धन को पाया
एक लिया चार लौटया
तब यीशु ने कहा निश्चय तुने आज पाया है
उध्दार तेरे घर आया है
जब तु यीशु नाम पर ईमान निश्चय ही लायेगा,
विश्वास करो तो तू और तेरा घराना उध्दार पायेगा।

(क्रमश: मत्ती 17 :20 ,10 :22 यूहन्ना 15: 7 लुका 19:8 9 प्रेरित. 16:31)

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