राहत की खबर:- परिवहन मंत्री गडकरी ने कहा- पब्लिक ट्रांसपोर्ट जल्द ही गाइडलाइंस के साथ शुरू हो सकता है, लोगों की सुरक्षा निश्चित करनी होगी

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BY MANOJ KUMAR

नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बस और कार ऑपरेटर्स कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्यों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘गाइडलाइंस के साथ जल्द ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट को शुरू किया जा सकता है। सरकार इसी दिशा में काम कर रही है।’

उन्होंने कहा, ‘सरकार ऐसी गाइडलाइंस तैयार कर रही है, जिसके आधार पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग किया जा सके। इस दौरान यह ध्यान रखना जरूरी होगा कि कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों का किसी तरह से उल्लंघन न हो।’

गडकरी ने कहा, ‘ट्रांसपोर्ट और हाईवे खोलने के लिए पब्लिक के बीच भरोसे को स्थापित करना होगा। हमें यह सावधानी बरतना होगी कि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो। सुरक्षा के सभी विकल्प सुनिश्चित करना होंगे। जैसे कि हाथ धोना, सैनिटाइजेशन, फेस मास्क आदि का उपयोग।’

कॉन्फेडरेशन के सदस्यों ने सरकार से पैसेंजर ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री के लिए बेलआउट पैकेज की मांग की। इस पर गडकरी ने कहा, ‘सरकार इंडस्ट्री की दिक्कतों से भलीभांति परिचित है। ऐसे में इंडस्ट्री की दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार पूरी तरह से सहयोग करेगी।’

गडकरी ने कहा, ‘कोरोनावायरस महामारी के कारण अर्थव्यवस्था को संकट का सामना करना पड़ रहा है। मगर इसे हमें एक अवसर के तौर पर लेना चाहिए। कोई भी चीन के साथ डील नहीं करना चाहता है। जापान के प्रधानमंत्री वहां निवेश करने के लिए मौका दे रहे हैं। ऐसे में यह भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने का मौका भी है।’

गडकरी ने कहा, ‘मंत्रालय पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए लंदन मॉडल को अपनाने की दिशा में विचार कर रहा है। वहां सरकार की ओर से निवेश बेहद कम होता है जबकि निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाता है। हमारे यहां ट्रक और बस की बॉडी 5 साल में बेकार हो जाती है जबकि यूरोप में 15 साल चलती है। इस दिशा में भी सोचना चाहिए।’

गडकरी ने कहा, ‘ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस सेक्टर को भी मदद के लिए आगे आना चाहिए। लॉकडाउन के दौरान एक्सीडेंट कम हुए हैं। यह उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ है। कई हाईवे प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है।’

कोरोनावायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने देशभर को तीन जोन में बांटा है। इनमें ग्रीन, ऑरेंज और रेड शामिल हैं। इनमें ग्रीन जोन में 50 प्रतिशत बसों को चलाने की अनुमति दी गई है। इनमें 50 फीसदी यात्री बैठकर सफर कर सकते हैं।

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