दया के गीत

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दया के गीत (2)
मुर्ख हुँ प्रभु जी मैं
अपनी मुर्खता को दोहरता हूँ,
किये मैने गुनाह प्रभु जी
मैं अब पछताता हूँ
पर एक आशा से विश्वास लेकर,
तेरे पास आता हूँ, (1. कुरु 13:13)
दया कि भीख दे दो प्रभु यीशु जी
झोली का फैलाता हूँ,
सुना है दया का सागर है तू
पापों से मन फिराता हूँ (मत्ती 3:2)
किये मैने गुनाह प्रभु जी
अब मै पछताता हूँ,
ग्रहण करो यीशु जी जो हैं मेरा …2

हृदय भेंट चढ़ाता हूँ (रोमियों 12:1-2)
तु बढता जा मुझे में में घट जाता हूं
बुरे कामों से से खुद को बचाता हूँ
क्योकि धोकर रक्त से मुझे बेटा बना लिया (यहूना 1:12)
धन्य धन्य प्रभु यीशु जी
तेरी दया के गीत गाता हूँ
एक आशा लेकर विश्वास से
तेरे पास आता हूं, तेरी दया का गीत गाता हूं…

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