Swargiya Pratidhwani (Todays Thought)

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“झगड़ने से बेहतर है कि हम दाई और या बाई और हो लें” अक्सर हम ऐसी परिस्थियों में आ जाते है, जहां झगड़े को बढ़ाना और घटाना हमारे हाथ में होता है। यदि हम ऐसी परिस्थियों का सामना करते है, तो हम अपने अपने भाई बंधु से झगड़ा करने के बजाए हम दाई या बाई ओर चले जाए। यदि हमारे बाई ओर रहने से झगड़ा हो रहा है तो हम दाई और चले जाए, यदि दाई ओर रहने से झगड़ा हो रहा है तो हम बाई और चले जाए। ऐसा करके हम झगड़ा ख़त्म कर सकते है और अपने आपसी रिश्तों को लंबे समय तक संभाल के रख सकते है।

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