मजदूर घर लेकर गए 1-1 किलो आटे के पैकेट, खोला तो निकले 15 हजार रुपये

0 27

- Advertisement -

सूरत: एक कहावत है कि ‘अगर दाएं हाथ से दान दे रहे हो तो बाएं हांथ को पता नहीं लगना चाहिए’, कोरोना वायरस संकट के बीच देशभर से लोग आर्थिक मदद कर रहे हैं लेकिन आधिकतर लोगों ने आपने दान को गुप्त ना रखते हुए सोशल मीडिया पर उसका ऐलान किया।

दरअसल, सूरत से कोरोना संकट में गुप्तदान की एक अनोखी घटना सामने आई है। कोरोना हॉटस्पॉट के रूप में घोषित सूरत के कई इलाकों में प्रवासी मजदूरों को राशन का सामान वितरित किया जा रहा है। इसी दौरान जब मजदूरों ने घर पहुंच कर आटे का पैकेट खोला तो उसमें से 15 हजार रुपये निकले। पैसे देखकर जरूरतमंद लोगों की आंखों में चमक आ गई और उन्होंने दान देने वाले शख्स को दिल से दुआएं दीं।

आटे के पैकेट में 15 हजार रुपए रखने के पीछे ये वजह बताई गई कि पैसे के लालची भी मदद लेने के नाम पर वहां पहुंच जाते, इसलिए 1 किलो आटा देने की बात कही, जिसके बाद वहां सिर्फ जरूरतमंद लोग ही जुटे। दान देने वाला यह ग्रुप सड़क, महोला, अपार्टमेंट में तैयार किए गए खाने के पैकेट से घर बैठे मजबूर लोगों का पेट भर रहे हैं।

Comments
Loading...
error: Content is protected !!