कोविड-19: भारतीय चमगादड़ की दो प्रजातियों में मिला Bat Coronavirus, 4 राज्यों में मिली मौजूदगी

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BY MANOJ KUMAR

नई दिल्ली। Bat Coronavirus: कोरोना वायरस आखिर इंसानों तक पहुंचा कैसे? ये एक ऐसा सवाल है, जिसका जवाब दुनिया भर के वैज्ञानिक तलाश रहे हैं। इसी कड़ी में भारतीय वैज्ञानिकों के हाथों एक बड़ी उपलब्धि लगी है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) ने पहली बार एक अलग किस्म के कोरोना वायरस की पहचान की है। ये वायरस, चमगादड़ में पाया जाने वाला बैट कोरोना वायरस है।

बैट कोरोना वायरस की खोज भारत में पाए जाने वाले चमगादड़ों की दो प्रजातियों में की गई है। इस वायरस को बीटीकोव भी कहते हैं। कोरोना वायरस वाली चमगादड़ की यह दो प्रजातियां देश के चार राज्यों केरल, हिमाचल प्रदेश, पुडुचेरी और तमिलनाडु में पाई गई हैं।

मालूम हो कि पहले भी ऐसे कई दावे सामने आ चुके हैं कि चमगादड़ों के जरिये ही कोरोना वायरस इंसानों तक पहुंचा है। चीन में लगभग हर तरह के जंगली जीवों को खाने का प्रचलन है। वहां एक बड़ी आबादी चमगादड़ भी खाती हैं। हालांकि, इस बात के अभी भी कोई स्पष्ट वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं हैं कि ये खतरनाक वायरस, चमगादड़ों के जरिये ही इंसानों तक पहुंचा है।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के भारतीय शोध पत्र में प्रकाशित इस शोध में दावा किया गया है कि इस बात के कोई साक्ष्य या शोध मौजूद नहीं कि चमगादड़ में पाया जाने वाला यह वायरस इंसानों को संक्रमित कर सकता है। शोधकर्ता और पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआइवी) की वैज्ञानिक डॉ. प्रज्ञा डी. यादव के अनुसार केरल, हिमाचल प्रदेश, पुडुचेरी और तमिलनाडु में रोसेटस और पेरोपस नामक प्रजाति के 25 चमगादड़ों में कोरोना के वायरस पाए गए हैं।

वैज्ञानिक डॉ. प्रज्ञा डी. यादव ने कहा कि भारतीय चमगादड़ों में पाए गए इस कोरोना वायरस का सार्स या कोविड-19 के संक्रमण से कोई लेना-देना नहीं है। यादव ने बताया कि वर्ष 2018-19 में केरल में चमगादड़ की पेरोपस नाम की प्रजाति में निपाह वायरस भी पाया गया था। उन्होंने बताया कि चमगादड़ स्वाभाविक रूप से कई प्रकार के वायरस का घर होते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में बदलते परिवेश और प्रकृति के बदलावों में चमगादड़ों का अन्य जीवों और इंसानों से संपर्क संभव है।

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