लॉकडाउन बढ़ाने को लेकर प्रधानमंत्री के संबोधन पर सबकी निगाहें, संबोधन का देश को बेसब्री से इंतजार, जान भी जहान भी होगा मूल मंत्र

0 26

- Advertisement -

नई दिल्ली। कोरोना वैश्विक महामारी से मुकाबले के लिए लॉकडाउन बढ़ाने के दूसरे चरण और इसके स्वरुप का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह दस बजे ऐलान करेंगे। लॉकडाउन के दूसरे चरण का मूल मंत्र ‘जान भी जहान भी’ होगा प्रधानमंत्री इस आशय का संदेश पहले ही दे चुके हैं। इसीलिए सबकी निगाहें सुबह दस बजे होने वाले पीएम के संबोधन पर लगी हैं कि लॉकडाउन के दूसरे चरण में किन इलाकों में कौन सी आर्थिक गतिविधियों को छूट मिलेगी।

इन इलाकों में छूट की संभावना

लॉकडाउन को दो हफ्ते और बढ़ाए जाने के संकतों के बीच सरकार ने कृषि कार्यो के अलावा कुछ सीमित आर्थिक गतिविधियों को इजाजत दिए जाने के संकेत दिए हैं। सोशल डिस्टैंसिंग के नियमों का पालन करते हुए खासकर उन इलाकों में आर्थिक इंजन की गाड़ी को चलाने की छूट दिए जाने की संभावना है जहां कोरोना का प्रभाव बिल्कुल नहीं है।

पीएम के संबोधन का देश को बेसब्री से इंतजार

कोरोना की चुनौती से निपटने के लिए किया गया 21 दिन का देशव्यापी लॉकडाउन 14 अप्रैल को ही पूरा हो रहा है। लेकिन इस महामारी के गंभीर खतरों को देखते हुए तमाम राज्य लॉकडाउन को दो हफ्ते बढ़ाने के पक्ष में हैं। इसीलिए प्रधानमंत्री के मंगलवार को होने वाले संबोधन का देश को बेसब्री से इंतजार है। क्योंकि एक ओर कोरोना संक्रमण रोकने के लिए राज्य सरकारें लॉकडाउन बढ़ाना चाहती हैं।

‘जान भी जहान भी’ मूल मंत्र पर होगा फोकस

वहीं दूसरी ओर हकीकत यह भी है कि इस लॉकडाउन ने अर्थव्यवस्था को न केवल ठप कर दिया है बल्कि गंभीर संकट में डाल दिया है। उद्योग और कारोबार जगत लॉकडाउन को लेकर बेचैन हो रहा है। तो करोड़ों मजदूरों के अलावा लाखों की संख्या में लोगों के नौकरी-रोजगार पर खतरा मंडरा रहा है। प्रधानमंत्री ने कोरोना के खतरों के बीच अर्थव्यवस्था और रोजगार के मोर्चे की इन चुनौतियों को देखते हुए मुख्यमंत्रियों के साथ 11 अप्रैल को हुई बैठक में स्पष्ट कर दिया था कि लॉकडाउन के पहले चरण में ‘जान है तो जहान है’ पर फोकस था। लेकिन विस्तारित लॉकडाउन में ‘जान भी जहान भी’ दोनों ही प्राथमिकताएं रहेंगी। इसकी तैयारियों के लिए ही निर्देशों के अनुरुप सोमवार से कई केंद्रीय मंत्रियों ने अपने मंत्रालयों में आना शुरू कर दिया। संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी भी दफ्तरों में कामकाज पर लौटने लगे हैं।

Comments
Loading...
error: Content is protected !!