ब्रिटिश लीगल टीम ने क्रिश्चियन मिशेल को यातना देने के लगाए आरोप

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लंदन। अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर दलाली के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल के मामले में भारत पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ब्रिटिश लीगल टीम ने संयुक्त राष्ट्र में आरोप लगाया कि क्रिश्चियन मिशेल को भारत में हिरासत के दौरान यातनाएं दी गई। यीम का आरोप है कि मिशेल को गैरकानूनी तरीके से भारत को सौंपा गया है और अब मानवाधिकारों का उल्लंघन कर उसका उत्पीड़न किया जा रहा है।

मिशेल फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में है और दिल्ली हाई कोर्ट में उसे इंटरनेशनल फोन कॉल करने की सुविधा को लेकर एक और मुकदमा भी चल रहा है। कोर्ट से मिली इस इजाजत को तिहाड़ जेल प्रशासन ने चुनौती दी है। कहा है कि जेल के नियमों में किसी कैदी को ऐसी सुविधा नहीं दी जा सकती।

3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर खरीद सौदे में दलाली लेने के आरोप में ईडी ने मिशेल को गिरफ्तार किया है। बाद में उसको सीबीआई की हिरासत में सौंप दिया गया। अति महत्वपूर्ण लोगों के आवागमन के लिए 2010 में इन हेलीकॉप्टरों की खरीद का सौदा हुआ था लेकिन बाद में दलाली का पता चलने पर सौदा खटाई में पड़ गया। सौदे में दलाली लेने वाले तीन लोगों में मिशेल भी शामिल है।

लंदन की कानूनी मामलों के विशेषज्ञों की संस्था- गर्निका 37 ने कहा है कि यूएई ने मार्च 2018 में मिशेल को गैरकानूनी तरीके से भारत को सौंपा था। यूएई छोड़कर भागी शाही परिवार की युवती शेख लतीफा बिंत मुहम्मद अल मखतूम को भारतीय अधिकारियों द्वारा पकड़कर जबरन उसके परिवार को सौंपे जाने के एवज में मिशेल को भारत को सौंपा गया था।

कंपनी ने कहा है कि मिशेल को प्रत्यर्पण की औपचारिकताएं पूरी किए बगैर गैरकानूनी तरीके से यूएई ने भारत को सौंपा। इसके बाद सीबीआई और ईडी ने आरोपों को स्वीकार करने के लिए लगातार उसका उत्पीड़न किया। ये आरोप भारत की अंदरूनी राजनीति से प्रेरित हैं। कंपनी ने संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकारों से संबंधित उच्चायुक्त को मामले में अविलंब हस्तक्षेप की मांग की है।

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